प्रकृति को सहेज कर रखने, जैवविविधता संरक्षण में देरी न करने की पुकार
हम जो भोजन खाते हैं, जिस जल को पीते हैं और जिस हवा में साँस लेते हैं, वे सभी हमारी पृथ्वी पर जैवविविधता के उपहार हैं, मगर इसके बावजूद, “जीवन को पोषित करने वाले इस वृक्ष से हर दिन एक शाखा को काटा जा रहा है”. यूएन के शीर्षतम अधिकारी ने विश्व नेताओं के नाम अपने सम्बोधन में प्रकृति के साथ समरसतापूर्ण सम्बन्ध स्थापित करने क…
Short extract only — this publisher licenses its text. Read the full release at the source.
Cancel anytime · CA$99/month


